{"product_id":"india-after-gandhi-hindi-bharat-gandhi-ke-baad-भारत-गांधी-के-बाद-duniyan-ke-vishaltam-loktantra-ka-itihas-दुनिया-के-विशालतम-लोकतंत्र-का-इतिहास","title":"India After Gandhi (Hindi) \/ Bharat Gandhi Ke Baad \/ भारत गांधी के बाद: Duniyan Ke Vishaltam Loktantra Ka Itihas \/ दुनिया के विशालतम लोकतंत्र का इतिहास","description":"\u003cp\u003eभारत गांधी के बाद, रामचंद्र गुहा की अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पुस्तक India After Gandhi का हिंदी रूपांतरण है। यह किताब 1947 के बाद के भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक यात्रा का सिलसिलेवार और गहराई से किया गया दस्तावेज़ है। आमतौर पर भारतीय इतिहास की किताबें स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित रहती हैं, लेकिन यह पुस्तक बताती है कि आज़ादी के बाद की कहानी उतनी ही चुनौतीपूर्ण, संघर्षपूर्ण और प्रेरक रही है।\n\n\nरामचंद्र गुहा ने धर्म, जाति, भाषा और वर्ग के नाम पर हुए संघर्षों, आंदोलनों और दंगों से लेकर भारतीय लोकतंत्र की मजबूती तक की कहानी साक्ष्यों और शोध के आधार पर बेहद सहज भाषा में प्रस्तुत की है। इसके साथ ही वे उन अनसुने और अनजाने नायकों को भी सामने लाते हैं जिन्होंने जन आंदोलनों, किसान संगठनों और जनजातीय संघर्षों के माध्यम से लोकतंत्र को ज़मीनी स्तर पर मजबूती दी।\n\nइस पुस्तक का अनुवाद सुशांत झा ने किया है, जो मूल भावनाओं और घटनाओं के क्रम को बनाए रखते हुए पाठकों के लिए इसे पठनीय और रोचक बनाते हैं।\n\nइस किताब में पाएँ:\n\nविभाजन के बाद का भारत: विस्थापन, पुनर्निर्माण और नया संविधान\nधर्म, भाषा और जाति के नाम पर उभरे संकट – और उनसे लड़ने की लोकतांत्रिक कोशिशें\nगुमनाम नायक: आदिवासी, किसान और मज़दूर जो कभी सुर्खियों में नहीं आए\nनेताओं की नई छवियाँ – निजी और राजनीतिक जीवन का संतुलन\nलोकतंत्र की नींव को मज़बूत करते ऐतिहासिक आंदोलनों और सुधारों का लेखा-जोखा\n\nयह किताब Outlook और The Economist द्वारा Book of the Year चुनी गई थी और 2011 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित हुई।\n\nRead more\u003c\/p\u003e","brand":"Penguin India","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":52192854049070,"sku":null,"price":346.75,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0873\/9320\/6574\/files\/61Pi9GFMkpL._SL1000.jpg?v=1781294255","url":"https:\/\/bookalley.in\/products\/india-after-gandhi-hindi-bharat-gandhi-ke-baad-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-duniyan-ke-vishaltam-loktantra-ka-itihas-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8","provider":"Bookalley","version":"1.0","type":"link"}